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करीब एक घण्टे बाद मैंने कह दिया- ठीक है, पर. . . ”

वो तुरन्त मेरा फ़ोन लाई, काल-बैक किया और स्पीकर ऑन कर के सामने बैठ गई। मैं कह रहा था- हाँ सूरी, भेज देना आज 8 बजे, कोई ठीक-ठाक, घरेलू भेजना, पर नई भेजना, रचना या पल्लवी नहीं। सूरी बोला- नई वाली सही है सर, रेट थोड़ा ज्यादा लेगी, पर मस्त माल है। आप उसके पहले दस में ही होंगे।

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