मैं योजना बना रहा था, कहा- अरे नहीं, वैसा नहीं है, करना तुम्हें मेरे साथ हीं होगा। असल में एक लड़की मेरे साथ होगी, वो देखेगी सब जो तुम करोगी। मैं यह सब बोलते हुए सानिया की तरफ़ देख रहा था। उसके चेहरे पे सुकून था, जैसे मैंने उसके मन की बात की हो। रागिनी ने अब थोड़ा सहज होकर पूछा- कोई फ़ोटो-वोटो नहीं होगा ना?
मैंने कहा- बिल्कुल नहीं”
वो राजी हो गई, फ़िर पूछने लगी- सर, आपको कोई खास ड्रेस पसंद हो तो?
मैंने कहा-“नहीं, जो तुम्हें सही लगे।