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उसकी पिंक ज़ुबान बाहर लटकी हुई थी। नसरिमा आँटी ने मेरे चूतड़ों को सहलाते हुए उन्हें फैलाया और भर्रायी आवाज़ में अपने कुत्ते से बोलीं, “शेरू बेबी! देखो कितनी हसीन गाँड है…!” और फिर खुद ही मेरी गाँड के छेद पर अपनी ज़ुबान फिराने लगीं। मेरे पूरे जिस्म में सनसनी फैल गयी और मैं सिसकने लगी। शेरू भी मेरे सैंडल और पैर चाटने लगा और फिर मेरी रानों पे अपनी ज़ुबान फिराने लगा और अचानक भोंकते हुए रिरियाया तो नसरिमा आँटी हंसते हुए बोली, “ओके बाबा… ले तू चाट ले… तेरी बारी… गो अहेड!” मुझे अपने चूतड़ों पे शेरू की गरम साँसें महसूस हुईं और फिर उसकी लंबी ज़ुबान मेरे चूतड़ों की दरार के बीच में घुस कर चाटने लगी।

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