वहाँ लडकियां इतने कम कपडे पहनती हैं कि सपने देखने कि भी ज़रूरत नहीं. इसलिए जब मुंबई जाने का निर्णय उसने लिया तो अपने एक दोस्त से जो मुंबई में ही रहता था, उसने इस बारे में पुछा. तब वह काफी निराश हो गया. दोस्त ने उसे बताया कि यह सब कहने सुनने कि बातें हैं. सब जगह लडकियां एक जैसी ही होती हैं. यह सोच लेना कि मुंबई कि सारी लडकियां रंडियाँ है, बेवकूफी होगी!
लेकिन जैसे ही वह मुंबई पहुंचा, सचमुच तंग कपड़ों में, आधे बूबे दिखाती, गांड मटकाती एक से एक सेक्सी लड़कियों को स्टेशन से मामा के घर तक देखते हुए आया.