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तब मैंने सोचा कि इसीलिए पड़ोस के अंकल चाची के दीवाने हैं। खैर अब मैं इस ताक में लग गया कि चाची कब नहाना शुरू करेगी। वो मुझे छोटा समझती थीं इसलिए उन्होंने दरवाज़ा नहीं बंद किया। मैंने थोड़ी सी आड़ पकड़ी और निहारने लगा तो मैंने देखा कि चाची का नहाते समय अपने प्राइवेट अंगों पर खास ध्यान है, अपनी दोनों टाँगे खोलकर गुलाबी चूत की सफाई और अपनी चूचियों को रगड़ने लगी।

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