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पर हाय रे फूफा की फूटी किस्मत ! जो इतने मस्त माल को कूड़ा समझ कर बाहर गंदगी में मुँह मार रहे थे। बुआ के ससुर को यह बात पता लग गई थी और उन्होंने फूफा को समझाने की बहुत कोशिश भी की थी पर फूफा तो कुछ समझना ही नहीं चाहते थे। आखिरकार बुआ के ससुर ने फूफा को उस संगत से निकालने के लिए ऊपर सिफारिश करके फूफा का तबादला यहाँ करवा दिया था।

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