जैसे ही मेरे हाथ बुआ के गांड के पास पहुंचे मैंने बुआ के चूतड़ हल्के से दबा दिए। बुआ के मुँह से सिसकारी जैसी आवाज निकली मैं तो जैसे कहीं खो सा गया था। बुआ बोली- अब ऐसे ही पकड़ कर खड़ा रहेगा या मुझे नीचे भी उतारेगा ?
मैं भी सपने से जगा और बुआ को नीचे उतारने लगा। जब बुआ मेरे बराबर आई तो बुआ की मस्त चूचियाँ बिलकुल मेरे मुँह के सामने थी।