About:

मेरी दिल की वासनाएँ उबल उबल कर मेरे दिल पर प्रहार करती थी। एक बार मयंक रात को मेरी बेटी अंजलि के पास कॉलेज का कुछ काम करने आया। मैं उस समय सोने की तैयारी कर रही थी। मैं लाईट बन्द करके सोने की कोशिश कर रही थी, पर वासनायुक्त विचार मेरे मन में बार बार आ रहे थे। मैं बेचैनी से करवटे बदलती रही। फिर मैं उठ कर बैठ गई।

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