वो अपनी छाती मेरे लण्ड के पास रगड़ने लगा मुझे चूमते हुए !
मुझे एक अजीब सी मस्ती चढ़ रही थी। वो मुझे सर से लेकर पैरों तक न जाने कितनी बार चूमता रहा मेरे बदन को अपने बदन से रगड़ते हुए !
मुझे जैसे लगने लगा कि मेरा ऐसे ही निकल जायेगा। उसने मेरा लण्ड फिर मुँह में ले लिया और चूसने लगा। मैं कहने लगा- ऐसे ही निकालोगे या गाण्ड भी मरवाओगे?
वो बोला- रुको !
फिर वह तेल की शीशी लाया और मेरे लण्ड पर बहुत सारा तेल डाला, उसे चिकना किया, फिर अपनी गांड में तेल डाला, अपनी गांड को बिल्कुल चिकना कर के बोला- अब तुम मेरे ऊपर आओ और अपना लण्ड मेरी गांड में डालो !
वो घोड़ी बन गया।