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यहाँ महेश कि हालत खराब थी. उसकी चंदा मामी के कपडे नींद में उथल पुथल हो गए थे जिसके कारण उनका ब्लाउस आधा खुला हुआ था और उनका एक बुबे का निपल बाहर झाँक रहा था. उफ़ उनके गोरे गोरे बादल जैसे बूबे. उनकी टाँगे नंगी थी उनकी गदराई जांघों को देख महेश का लिंग तन गया था. इससे पहले मामी के पैर उसके ऊपर थे. उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा था और साँसें तेज हो चली थी.

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