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कहीं मां के सामने कुछ गड़्बड़ न हो जाय इसलिये मैंने अपना हाथ वहां से हटा लिया और फ़िर से उसे रश्मी भाभी की बड़ी बड़ी नरम गांड़ के पास स्थापित कर दिया, चार पांच बार हल्के से अपने हाथ को उसकी गांड़ से टकराने के बाद मैंने अपना हाथ हिलाना बंद कर दिया और मेंरा हाथ अब उसकी गांड़ से चिपक गया। ३०-४० सेकण्ड़ तक उसी तरह से अपना हाथ का उपरी भाग उसकी गांड़ पर रखने के बाद मैंने फ़िर से अपने हाथ को घुमा लिया और अपनी हथेली को उसकी गांड़ से लगा दिया, अब उसकी गांड़ मेंरी हथेली में थी।

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