About:

मां मुझे कोई आपत्ति नहीं है। इधर मां के मुंह से अपनी बहन और मेंरी शादी की बात सुन कर मेंरी गुलबदन रश्मी जान बुरी तरह चौंक गई और आश्*चर्य से कभी मां की तरफ़ तो कभी कभी मेंरी तरफ़ देख रही थी। और मैंने भी मौके का भरपूर फ़ायदा उठाते हुए अपनी हसीना की गांड़ को जरा जोर से दबा दिया। और उसकी गांड़ में हल्के से हाथ घुमाते हुए उसकी अंडरवियर को तलाशते हुए अपना हाथ उसकी अंडरवियर के उभार पर रख दिया।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*