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महेश उसके सामने ही बैठा था. चंदा ने ब्लाउस का एक और हुक खोलते हुए, आँखों ही आँखों में महेश को आमंत्रित किया. महेश समझ गया. झट से उसका ब्लाउस उतार फेंका. ब्रा निकालने में उसे मुश्किल हो रही थी तो चंदा को हलकी सी हंसी आ गयी. महेश झेंप गया. चंदा ने खुद ही ब्रा उतार दी. अब उसके गोरे गोरे गोल गोल बूबे अपने पूरे जलवे के साथ अँधेरे में चमक उठे.

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