मैंने पूछा – निधि क्या छुपा रहो हो?
वो हकलाते हए बोली क्क्कुछ नही सर!
मैंने कहा – झूठ मत बोलो, मैंने तुम्हे एक लैटर पढ़ते हुए देखा है, क्या लिखा है उस में मुझे दिखाओ. उसने झिझकते और डरते हुए मुझे लैटर दे दिया. मैंने पढ़ा तो किसी लड़के का ही था और उसमे प्यार भरी बातें लिखी थी. मैंने मन में सोचा कि यह अच्छा मोका है इसे चोदने का.