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इसके बाद मैंने उसे सोफे पर बैठा कर उसकी टांगों को अपने कंधों पर रख लिया. इससे उसकी छुट मेरे लंड के करीब आ गई. मैंने ढेर सारा थूक उसकी चूत पे लगाया और ऊँगली अंदर बाहर करने लगा. निधि सिसकारियां भरने लगी. फ़िर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहाने पर रखा और अंदर करने लगा, निधि की चूत कुंवारी होने के कारण काफी टाईट थी.

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