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मैने उसके ब्लाउस के सारे हुक खोल दिए . आरती ने अंदर ब्रा नही पहनी थी हुक खोलते ही दोनो मस्त कबूतर बाहर झाँकने लगेमैने आरती को बैठा लिया और उसका ब्लाउस उसके सीने से अलग कर दिया . दोनो सफेद कबूतर अब आज़ाद थे और तने हुए थे”आरती रानी ये बताओ तुम्हारी ये सुंदर चुचियाँ इतनी सख़्त और तनी हुई क्यों हैं” मैने चुचियों को सहलाते हुए पूछा .

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