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अब उसका घाघरा ज़मीन पर था और मेरी आरती मेरे सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी . कितनी सुंदर दिख रही थीमैने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और पूरा नंगा होकर आरती को बाहों में उठा लिया” आओ आरती रानी आज मैं तुम्हारी मनोकामना पूरी करूँगा . तुम्हारे पेट में अपना बच्चा डालूँगा और तुम्हारी योनि क़ी सारी प्यास बुझा दूँगा “कहते हुए मैने आरती को बिस्तर पर लिटा दिया और खुद उसके उपर चढ़ गया
बात उन दिनों की है जब मैं मेरे मामा के घर गया हुआ था।

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