उसने झट से बिना ब्रा और पैंटी पहने झट से पेटीकोट बंधा, ब्लाउस पहना और फटाफट सदी लपेट कर पल्लू डाल कर ब्रा और पैंटी को बाथरूम में फ़ेंक कर दरवाज़ा देखने चली गयी. दरवाज़ा खोलने पर उसने महेश को पाया, चंदर साथ नहीं था. “मामा अपना बटुआ भूल गए, इसलिए मुझे भेज दिया लेने. ”
थोड़ी चंदा कि हालत खराब थी और उसे पसीने छूट रहे थे.