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उसके बाद मैंने उसकी सलवार उतार दी। मैंने उसकी कच्छी को हाथ लगाया तो वो पहले से गीली थी। धीरे से मैंने ऊँगली डाल दी उसकी चूत में और रगड़ने लगा। कुछ देर बाद उसका पानी निकल गया। मैंने अपना मुँह उनकी चूत पर पैंटी के ऊपर से ही लगा दिया और चूमने लगा। उनके अमृत का खट्टा सा स्वाद मेरी जीभ महसूस कर रही थी। उनके हाथ मेरे सर पर थे और वो मेरे सर को दबा कर मेरा मुँह अपनी चूत के और पास ले जाने की कोशिश कर रही थी।

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