About:

तब बाबुजी ने नुपुर कि चुन्ची चोर कर उसको अपनी गूढ़ मी उठालिया और उसको बिस्टर पर दल दिया और एक हाथ से नुपुर कि सरेयूतारने लगेऔर और दुसरे हाथ से उसकी चुन्ची दबाने लगे. बबुजीनुपुर कि चुन्ची मसलते हुए कभी कभी उसकी घुंडी भी मसल्राहे थे और बोल रहे थे कि “है मेरी बहु, मैं कब से तुम्हारी इन्मास्त चुन्ची को मसलने के लिए तरस रह था, आज मेरा सपना पुराहुआ.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*