About:

इस कारण काम २४ घंटे चलता और चंदर कई बार रात-रात भर काम करते. एक महीना भर था बरसात शुरू होने में. खैर, दरवाज़े पे टकटकी लगाये बैठी थी. तारा खाना खा कर सो रही थी. नींद उसे भी आ रही थी, लेकिन भांजे को खिला-पिला के ही सोने वाली थी वो. तभी दरवाज़े में चाभी घूमी और दरवाज़ा खुला, चंदर एक बड़ा सा बैग उठाए घर में घुसे.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*