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सुधा कभी कभी अपनी हाथ बारह कर माकी चुन्ची मसल रही थी. थोरी देर के बाद बाबुजी और सुंदर दोनो झर गए और उन्होने अपनापन लुंड छूट के अन्दर से निकल लिया. लुंड निकलते ही मा और्सुधा कि छूट से सफ़ेद सफ़ेद घर पानी निकलने लगा. एह देख कर मा और सुधा ने एक दुसरे कि छूट मी अपना मुह लगा चाटना शुरू करदिया और दोनो ने एक दुसरे कि छूट चाट चाट कर साफ कर दिया.

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