. तब से देख रही हूँ बेसिर पैर कि बातें किए जा रहे हो . . अपनी हद मैं रहके बात किया करो . . जो कहना है साफ साफ कहो . . मुझे जलेबी कि तरह सीधी बातें समझ नही आती। कहने लगा – तुम्हें नहीं लगता तुम्हारी स्कर्ट कुछ ज्यादा ही छोटी है? तो मैंने कहा इसमें लगने वाली क्या बात है वो तो छोटी ही है . . तो मुस्कुराते करते हुए कहता – तुम्हें ज़रा भी शर्म है के नहीं तुम्हारी क्लास के लड़के जाने तुम्हें कैसे देखते हैं जैसे तुम कोई नुमाइश की चीज़ हो !
तो मैंने कहा तुम्हें क्यूँ इत्ती जलन हो रही है अगर वो मुझे देखते हैं तो .