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धीरे धीरे मेरे होठ भाभी की चूत पर पहुँच गए और मै अमृत का रसास्वादन कराने लगा ,भाभी ने मेरे सर को अपने हाथो से पकड़ रखा था ,भाभी धीरे धीरे सीत्कार ले रही थी ,अचानक भाभी ने कहा इकबाल तुम अपनी जीभ मेरे चूत में घुसो और मेरे चूत में तेजी से घुमाओ मै वैसा ही करने लगा मेरा लंड तना हुआ था और भाभी ने उसे अपनी जांघो के बीच में दबा रखा था मैंने अपने लंड को रगड़ना शुरू कर दिया भाभी ने कहा इकबाल तुम मुझे गन्दी बाते कर के सुनाओ मैंने कहा तुम तो मुझे चोदने नही दे रही हो यदि तुम मुझे चोदने दो तो मै तुम्हारी चूत की इच्छा पूरी कर दूँगा भाभी आआः अआः ऊओह , ऊओह की आवाज कर रही थी .

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