About:

उसकी सांस रुक जाती. चंदर काफी देर तक उसपर लगे रहते. जब तक चंदर झडते, वो तीन चार बार झड चुकी होती. अब जैसे जैसे तारा बड़ी हो रही थी और चंदर का काम बढ़ता जा रहा था, उनके सम्भोग के अवसर घटते जा रहे थे. रात में तारा को बेडरूम में बंद करके, हॉल में आवाज़ धीमी रख के वे सम्भोग करते थे. बेटी के बगल के कमरे में होने के कारण वे ठीक से मज़ा नहीं ले पाते और ऊपर से ग्लानी का भाव मन में हमेशा रहता था.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*