प्रगति ने झुकी आँखों से धन्यवाद किया और जाने के लिए उठने लगी। शेखर ने उसे बैठने के लिए कहा और उठ कर उसके पीछे आकर खड़ा हो गया। उसने प्यार से उस से पूछा कि वह इतनी गुमसुम क्यों रहती है? क्या ऑफिस में कोई उसे तंग करता है या कोई और समस्या है?
प्रगति ने सिर हिला कर मना किया पर बोली कुछ नहीं। शेखर को लगा कि ज़रूर कोई ऑफिस की ही बात है और वह बताने से शरमा या घबरा रही है।