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रह रह कर शेखर अपने कूल्हे ऊपर उठा कर अपने लंड को अन्दर बाहर करता रहता पर ज्यादातर बस प्रगति पर लेटा रहता। वह बस इतनी ही हरकत कर रहा था जिस से उसका लंड शिथिल ना हो। उसने प्रगति से पूछा कि वह ठीक है या उसे तकलीफ हो रही है ? जवाब मैं प्रगति ने ऊपर हो कर उसके होटों पर पुच्ची दे दी। शेखर अब बहुत आराम से सम्भोग का मज़ा ले रहा था।

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