प्रगति ने वैसा ही किया और शेखर की एक ऊँगली उसकी गांड में पूरी चली गई। शेखर ने कोई और हरकत नहीं की और ऊँगली को कुछ देर अन्दर ही रहने दिया। फिर उसने प्रगति से पूछा- कैसा लग रहा है?
प्रगति ने कहा- ठीक है। तो शेखर ने धीरे से अपनी ऊँगली बाहर निकाल ली। अब उसने अपनी ऊँगली पर जेली अच्छी तरह से लगा ली और प्रगति की गांड के बाहर और करीब आधा इंच अन्दर तक अच्छी तरह से जेली मल दी।