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मैंने सोचा सेंटर का गेट बंद होने बाद मैं अन्दर बैठ कर अपना काम शांति से कर सकूँगा और फिर हिस्सेदार के घर वाले दरवाज़े की तरफ से बाहर चला जाऊंगा। तो मैंने जाने को कह दिया। उसने ऐसा ही किया और वो चला गया। अब मैं सेन्टर के अन्दर बिलकुल अकेला था। काफी देर काम करने के बाद जब मैं अपना काम कम्प्यूटर में सेव कर रहा था तभी मेरी नजर कंप्यूटर में सेव की हुई एक मूवी पर पड़ी जो शायद किसी टीचर ने या फिर मेरे हिस्सेदार ने लोड कर दी थी।

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