. . मैं बहुत प्यासी हूँ. . . . मेरी प्यास तुम्हारे पानी से ही बुझेगी. कम से कम पचास ग्राम पानी पिलाना मुझे. ”
वो सब लोग भी अब अपनी मंजिल पर पहुँच चुके थे. गुप्ता ने कहा “चल भोसड़ी की अब नीचे लेट जा और पानी पी. . . आज नहला देंगे तुझे मेरी जान. ”
मैं पलंग पर सीधी लेट गई और उन पांचों ने मेरे मुंह के चारों तरफ़ घेरा डाल लिया.