उन्होंने खेतों में घर बना रखा था जो बिल्कुल हमारे खेतों के पास था। उसने साईकल पड़ोस में खडी कर दी और मेरे पीछे बैठ गई और हम चल दिये। काफी देर तक हम दोनों चुप रहे, फिर वो बोली- पढ़ाई कैसी चल रही है?
मैं बोला- ठीक !
मैंने पूछा- तुम मेरा नाम कैसे जानती हो?
तो वो बोली- मनीषा ने बताया, वो मेरी सहेली है।