5-10 मिनट तक ऐसे ही करता रहा लेकिन मुझे वो उदास लग रही थी। फिर वो बोली- जल्दी कर लो, काफी देर हो गई है। मैं बोला- क्या?
जो तुम करना चाहते हो ! वो धीरे से बोली, उसकी आवाज में उदासी थी। मैं उसे नाराज नहीं करना चाहता था क्योंकि मैं उसे दिल से चाहने लगा था। मैंने उसका हाथ पकड़ा और बोला- लक्ष्मी, मैं तुम्हें प्यार करता हूँ ! तुम्हारे शरीर से नहीं ! मैं तब तक तुम्हारे साथ सेक्स नहीं करूंगा तब तक तुम खुद नहीं कहोगी।