खून और वीर्य से रजाई खराब हो गई थी। मैंने उसका कवर उतारा। लक्ष्मी अन्दर आ गई, बोली- क्या कर रहे हो?
मैंने उसे कवर दिखाया, वो नजरें झुकाकर हँसने लगी, बोली- मैं साफ कर देती हूँ। और उसे लेकर बाहर चली गई। मैंने अण्डर वीयर पहना और रजाई में बैठ गया। लक्ष्मी आई शॉल हटा कर मेरे बगल में लेट गई। बोली- दर्द हो रहा है !
मैंने एक हाथ उसकी चूचियों पर रखा और दूसरा चूत पर रखकर सहलाने लगा।