About:

” अरे बेटी नही फतेगी. एक बार छुड़ जाओगी तू रोज़ छुड़वाने के लिए तदपॉगी. अपने पैर फैलाकर छूट खोलो पहले अपनी बेटी की छूट छत ले फिर छोदुँगा. मैं समझ गयी की पापा मम्मी की तरह मेरी छूट को चटना चाहते हैं. मैने जब मम्मी को छूट चटवाते देखा था तभी से स रही थी की काश पापा मेरी छूट भी छत्ते. अब जब पापा ने छूट फैलने के लिए तू फ़ौरन दोनो हाथ से छूट की दरार को छिड़ॉरकर खोल दिया.

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