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कोकिला तेजेश्वरी के सामने गाये की तरह झुक गयी अपनी गांड अपनी मदाम की तरफ़ करके. जेलर साहिबां को मानो स्वर्ग मिल गया हो. अपनी जूनियर की गांड पे वोह बेताहाशा टूट पड़ी. ___ ‘ तरबूज़ों ‘ को चुमती , काटती , सेहलती. . . . ___ . जल्दी ही जेलर सा सब्र ख़त्म हो गया ! . . . . . . उसने कोकिला की गांड की फ़ाँक को फैलाया और उसमे अपनी नाक डाल दी.

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