उसका नाम गीता था लेकिन सब उसे प्यार से गीतू कहते थे। मुझे नहीं मालूम था कि नीतू गीतू से सारी बातें बताती है। वैसे भी लड़कियाँ अगर हमउम्र हो तो उनके बीच कोई पर्दा नहीं रहता है जबकि लड़कों में ऐसा नहीं होता है। तो जब वो घर पर पहुँची तो उसे जल्दी घर आया देखकर गीतू उससे बोली- अरे नीतू ! आज तू बहुत जल्दी आ गई? और ये तू लंगड़ाकर क्यो चल रही है?
नीतू झेंपते हुये बोली- कुछ नहीं, बस ऐसी ही पैर मुड़ गया है।