About:

जब मैंने खाना खाने से इनकार किया तो वह ये कहने लगी- मैं जानती हूँ सर कि आप हमारे यहाँ का खाना क्यो नहीं खायेंगे क्योंकि मैं छोटी जात की हूँ। दोस्तो, मैं जात-पात और ऊँच-नीच को बिल्कुल नहीं मानता और उसने मेरे उसूलों पर चोट की थी शायद वो यह बात जानती थी। इसलिये मैं उसका मन रखने के लिये उसके हाथ का बना खाना खाने के लिये तैयार हो गया।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*