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उसने मेरी मनपसन्द आलू की सब्जी और देसी घी के परांठे बनाये थे जो मैंने बडे शौक से खाये। खाना खाते हुये मैंने उसके हाथ की खाने की बहुत तारीफ की। दोस्तो मैं खाने-पीने का बड़ा ही शौकीन हूँ और अपने शरीर और काम(गाव में घूमने) के हिसाब से मुझे भूख भी काफी लगती थी। तभी उसने बताया- खाना मैंने नहीं, मेरी बहन गीतू ने बनाया है।

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