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मैंने तुरन्त पास पड़ी चादर उठाकर अपने नंगे शरीर को ढक लिया। मैंने उसे समझाया कि यह सब करना ठीक नहीं है। इस वक्त मुझे नीतू पर भी गुस्सा आ रहा था कि वो इस वक्त कहाँ मर गई। मुझे लगा कि यह सब नीतू ने किया है और शायद गीतू गलती से यहाँ आ गई है। लेकिन नीतू इस वक्त है कहाँ। तभी नीतू भी खम्बे के पीछे से निकल कर आ गई और बोली- सर, गीतू आपको मुझसे भी ज्यादा चाहती है और आपसे शादी करना चाहती है।

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