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आखिर मैं भी एक मर्द हूँ और मेरा दिल भी एकदम कोमल है जो किसी को रोते हुये नहीं देख सकता। इसलिये मैंने हाँ कह दी लेकिन एक शर्त रख दी कि नीतू भी पहले की तरह मुझसे चुदवाती रहेगी। लेकिन नीतू यह कहकर बाहर चली गई कि आज की रात आप गीतू के हैं और दरवाजा बाहर से बन्द कर दिया। अब मैं एक दम आजाद था और गीतू मेरे पास मेरे बिस्तर पर आकर लेट गई और मुझे चूमने लगी।

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