एक बार तो मुझे ऐसा जैसे उसकी सांस ही अटक गई हो। मैं कुछ देर के लिये घबरा कर रूक गया और उसका मुँह एक हाथ से हल्के से दबा लिया जिससे अगर उसकी चीख निकले तो मैं उसे रोक सकूँ। मैंने धीरे-धीरे उसकी एक चूची को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। उसे कुछ देर बार राहत मिली तो मैंने उससे पूछा- क्या ज्यादा दर्द हो रहा है?
तो उसने कहा- ऐसा लगा जैसे मेरी टांगें किसी ने चीर दी हों।