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रश्मि नाम की 27 साल की एकदम तुनक मिजाज मैडम, रुतबा इतना था कि अगर स्कूल परिसर में एक प्लास्टिक की थैली या कागज का टुकड़ा भी दिख जाये तो चपरासी की खैर नहीं ! पढ़ाती वो इंग्लिश थी। हमारे स्कूल में आये हुए एक साल ही हुआ था उन्हें !

मुझे आज भी वो दिन याद है सितम्बर 11, 2003 को दोपहर में काफी तेज बारिश हो रही थी, मेरी कक्षा में केवल मैं अकेला और पूरे स्कूल में कुल 20-25 छात्रों के साथ तीन अध्यापक और दो अध्यापिकाएँ आई थी।

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