मैंने पहले अनाकानी की, फिर मेरे मन ने कहा- दोस्त शिकार खुद तेरे पास आया है, मौका मत छोड़ना. . . . . अचानक उन्होंने कहा- तुम्हारे गले में यह माला किसकी है?
मैंने कहा- मेरे मम्मी ने दी है, गाँव में किसी तांत्रिक से बनवाई है। फिर मैंने भी शरारत भरी निगाहों से पूछ लिया- आपके गले में जो माला है, यह क्या सर ने दी है?
वो एकदम सकपका गई !
मैं डर गया.