About:

. . . फिर उन्होंने राहत भरी मुस्कान के साथ कहा- नहीं, यह मैंने बनवाई है। और इस लोकेट मेरे मम्मी-पापा के फोटो हैं। उन्होंने आगे होकर लोकेट में से मुझे फोटो दिखलाई। जब मैं लोकेट में फोटो देख रहा था तो मेरा ध्यान फोटो में कम और 38-26-36 के बदन पर ज्यादा था। उन्होंने इसे भांप लिया, आखिर वो गुरु जो थी। उन्होंने अचानक अपना हाथ मेरी पैंट की जेब पर रखा और पूछा- क्या है इसमें?

मैंने कहा- कुछ नहीं मैडम ! बस ऐसे ही !

मेरी पैंट की जेब में तम्बाकू का गुटखा था जो मेरे सीनियर ने मुझे दिया था।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*