मैडम ने पैंट में हाथ डाला तो उनके हाथ में गुटखा नहीं, मेरा लण्ड आ गया जो वो खुद चाहती थी। जब उन्होंने लण्ड को पकड़ा तो तत्काल अपना हाथ बाहर निकाला और कहा- यह क्या है?
मैं घबरा गया, मेरी घिग्गी बंध गई, डर के मारे मेरे हाथ-पांव कांपने लगे। मैं मैडम से नजर नहीं मिला पा रहा था और ना ही मैडम मुझसे !
दो मिनट ऐसे ही गुजर जाने के बाद मैंने अपने हाथों पर कुछ महसूस किया तो देखा कि मैडम का हाथ मेरे हाथ के ऊपर था और वो उसे बड़े प्यार से सहला रही थी।