फिर मैंने सीधे ही पूछ लिया कि तुम अन्तर्वासना साइट की कहानियाँ पढ़ती हो?
यह सुनते ही उसके चेहरे का रंग उड़ गया और घबरा कर बोली- नहीं तो !
मैंने कहा- देखो यहाँ ! पिछ्ले एक हफ्ते में रोज यह साइट खोली जाती है। इस पर वो कुछ नहीं बोली और निगाहें नीचे करके बिल्कुल डरी सी बैठी रही। मैंने सोचा कि ज्यादा हड़काना ठीक नहीं है फिर मैंने उसे कूल डाउन किया यह बोल कर कि- अरे यार आजकल तो ज्यादातर लड़के-लड़कियाँ ये कहानियाँ पढ़ते हैं।