मैने
अपनी छूट को जैसे ही तोड़ा सा और दबाया तो मेरे मूह से चीख निकल पड़ी. अब उसका लंड मेरी छूट में
लगभग 2″ तक घुस चुका था. मेरी टाँगें तर-तर काँपने लगी. मेरी धड़कन बहुत तेज चलने लगी. लग रहा था
. की कोई गरम लोहा मेरी छूट को चीरता हुआ अंदर घुस रहा हो. मैं रुक गयी. थोड़ी देर बाद मैने धीरे धीरे अपनी छूट को उसके लंड पर उपर नीचे करना शुरू कर दिया.