मेरी चीख
निकलते ही वो रुक गया. थोड़ी देर तक रुकने के बाद उसने फिर से धीरे धीरे मेरी चुदाई शुरू कर दी. थोड़ी देर
बाद जब मेरा दर्द फिर से कुच्छ कम हो गया तो उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी और मुझे तेज़ी के साथ छोड़ने
लगा. मैं जोश के मारे पागल सी हुई जा रही थी और जल्दी से जल्दी उसका पूरा का पूरा लंड अपनी छूट के
अंदर लेना चाहती थी.