जिसकी वजह से
उन्हे ज़्यादातर बाहर ही रहना पड़ता था. कोई ठिकाना था नही सो अपने
ही शहर मे घर किराए पर ले कर रहने लगे. जल्दी ही वो फिर
अपनी ड्यूटी पर वापस चले गये. अब भाभी का ज़्यादातर समय हुमारे साथ ही गुज़रने लगा. 3-4 दिन ही
निकले होंगे की एक रात को अचानक शोर मच गया “चोर-चोर”. पता
लगा की भाभी की च्चत पर से कोई कूद कर भगा है.