जब कुछ नही दिखा तो मेने भाभी को आवाज़ दी. तुरंत
उधर से आवाज़ आनी बंद हो गयी. दूसरी तरफ से दरवाजा खुला ओर
भाभी इधर आ गयी. बोली क्या हुआ वीनू. मेने कहा कुछ नही उधर
आप क्या कर रही थी. वो दर सी गयी बोली कुछ नही. तुमने क्या
देखा? मेने कहा कुछ नही उधर अंधेरा था आपके रोने की सी आवाज़
आ रही थी. वो बोली मुझे तुम्हारे भैसाहब को याद करके रोना आ
रहा था तुम जाग नेया जाओ इसलिए मई उधर रूम मे चली गयी.